कोरबा के 5 कोल ब्लॉकों की नीलामी में रिलायंस और एक्सिस एनर्जी की बोलियां, कमर्शियल माइनिंग को मिलेगा बढ़ावा

कोरबा। कोयला मंत्रालय के 14वें दौर की कमर्शियल कोल माइन नीलामी में कोरबा जिले के 5 कोल ब्लॉकों के लिए दो निजी कंपनियों – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से बोलियां प्राप्त हुई हैं।

इन ब्लॉकों में करतला विकासखंड के करतला साऊथ, कलगामार, मदवानी तथा कोरबा विकासखंड के बताती कोल्गा वेस्ट और तौलीपाली शामिल हैं। सभी ब्लॉक मिलाकर 1 हजार मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन क्षमता वाले हैं।

यह नीलामी 2020 से शुरू हुई कमर्शियल माइनिंग नीति का हिस्सा है, जिसमें कोल इंडिया का एकाधिकार समाप्त हो गया है और निजी कंपनियां पूर्ण रूप से कोयला खनन व बिक्री कर सकती हैं। पहले कैप्टिव माइनिंग में 50% कोयला स्वयं उपयोग के लिए बाध्यकारी था, लेकिन 10वें दौर के बाद यह नियम हटा दिया गया, जिससे निजी कंपनियों की रुचि बढ़ी है। इस दौर में पहली बार 5 नई कंपनियां भी शामिल हुई हैं।

अब तकनीकी मूल्यांकन समिति इन बोलियों की जांच करेगी, उसके बाद योग्य बोलीदाताओं को अंतिम नीलामी में भाग लेने का मौका मिलेगा। जिले में पहले से एसईसीएल की कई खुले और भूमिगत खदानें संचालित हैं, अब कमर्शियल माइनिंग से खदानों की संख्या और बढ़ेगी।

पेड़ कटाई के आरोप और ग्रामीणों का डर
कोल्गा क्षेत्र के जंगल में चिन्हित कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीणों ने दो दिन पहले कूप कटाई के नाम पर पेड़ काटने का आरोप लगाया था। वनमंडल कोरबा के पसरखेत परिक्षेत्र में यह जंगल आता है। ग्रामीणों को आशंका है कि खनन शुरू होने से गांव उजड़ सकते हैं, जिससे भविष्य में विरोध की संभावना बनी हुई है। कमर्शियल माइनिंग का पहले भी विरोध हो चुका है, लेकिन सरकार इसे जारी रखे हुए है।

कोल इंडिया पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर
व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से कोल इंडिया पर दबाव बढ़ा है। कंपनी बोर्ड ने सहयोगी कंपनी एमसीएल की शेयर बाजार में लिस्टिंग की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे आईपीओ के जरिए शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी सचिव बी.पी. दुबे ने एसईसीएल की लिस्टिंग के लिए भी ठोस कदम उठाने की सलाह दी है।