पतुरियाडाँड़ में तालाब निर्माण में अनियमितता का आरोप:वन विभाग ने जेसीबी से बनाया तालाब,पानी रुक नहीं रहा,ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से जांच की मांग

कोरबा। कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज के पतुरियाडाँड़ में वन विभाग ने अच्छे भले नाले को बंद कर दिया। जेसीबी से बनाए गए तालाब में पानी नहीं रुक रहा है। इससे यह बेमतलब हो गया है। लोगों ने वन विभाग के इस काम पर आपत्ति जताते हुए सवाल खड़े किए हैं और कार्यवाही की मांग की है।

जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत केंदई रेंज में यह नमूना लोगों को परेशान कर रहा है। लेमरू हाथी रिजर्व परियोजना के तहत भारी-भरकम खर्च होने के बावजूद तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। केंदई वन परिक्षेत्र में तालाब निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस रेंज में कुल 11 परकोलेसन टैंक व तालाब निर्माण हुए हैं। इसकी लागत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है।

पतुरियाडाँड़ के जंगल में 16 लाख रुपये की लागत से बने तालाब की कहानी उजागर हुई है। लोगों ने कहा कि वन विभाग ने जेसीबी लगाई और जमकर भुगतान करने की बात कही, लेकिन वहां पर पानी रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है।

ऐसे में ना तो जंगली जानवर इसका उपयोग कर सकते हैं और ना ही इंसान। पतुरियाडाँड़ के ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के क्रियाशील अधिकारी ने पुराने नाले को ही तालाब दिखाने की जोखिम ली। सिर्फ एक हफ्ते में मशीनों से पूरा कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि तालाब में पानी तक नहीं टिक रहा। वन विभाग की ओर से कराए गए इस अनोखे कामकाज के चक्कर में वन्य जीवों को मिलने वाला लाभ शून्य होकर रह गया।

लोगों ने मांग की है कि उच्च अधिकारियों को सरकारी धन के दुरुपयोग और बिना प्लानिंग वाले काम की जांच कराने की मानसिकता बनानी चाहिए।