रेलवे सख्त:इंदिरा नगर में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम, 24 दिसंबर तक खाली करें जमीन वरना 30 से शुरू होगी तोड़फोड़

90 मकानों पर लाल निशान, महिलाओं ने किया चक्काजाम; प्रभावित लोग कोर्ट जाने की सलाह पर ठगे महसूस कर रहे

कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) ने कोरबा के इंदिरा नगर दुरपा रोड क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले कच्चे-पक्के मकानों और दुकानों को हटाने का सख्त फैसला लिया है। रेलवे ने अल्टीमेटम जारी कर कहा है कि प्रभावित लोग 24 दिसंबर तक खुद अपनी संपत्ति और सामान हटा लें, अन्यथा 30 दिसंबर से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

एक महीने पहले रेलवे ने इंदिरा नगर फोकटपारा इलाके में कब्जाधारियों को नोटिस दिए थे और प्रशासन को भी सूचना दी थी। नोटिस में कहा गया था कि ट्रैक संख्या 705/8 से 705/10 के बीच रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण नियम के खिलाफ है और रेलवे को अपनी जरूरतों के लिए यह जमीन चाहिए। शुरू में लोगों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन हाल ही में रेल पथ विभाग ने करीब 90 मकानों के आगे लाल रंग से मार्किंग कर दी, जिससे हड़कंप मच गया।

क्षेत्र की महिलाओं ने स्टेशन जाकर अधिकारियों से बात की और चिंता जताई। कोई आश्वासन नहीं मिलने पर उन्होंने ओवरब्रिज के नीचे चक्काजाम किया। प्रशासन के एक अधिकारी ने आश्वासन दिया कि रेलवे से बात होगी और तब तक कार्रवाई नहीं होगी।

लेकिन 17 दिसंबर को रेलपथ विभाग के इंजीनियर ने रिमाइंडर नोटिस जारी कर चेतावनी दी कि 24 दिसंबर तक हट जाएं, वरना 30 दिसंबर से कार्रवाई शुरू होगी। नोटिस में कहा गया है कि प्रशासन, पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को सूचित कर दिया गया है। कार्रवाई से किसी को नुकसान हुआ तो जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।

इस बीच, कुछ लोगों ने प्रभावितों को कोर्ट जाने की सलाह देकर 2-2 हजार रुपये वसूले, लेकिन नए नोटिस के बाद लोग पशोपेश में हैं और अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि रेलवे के खिलाफ कोर्ट में राहत मिलना मुश्किल है।