होमगार्ड कमांडेंट पर महिला सैनिकों से अभद्र सवाल करने का आरोप, 300 जवान सड़क पर

कोरबा। छत्तीसगढ़ होमगार्ड्स के कोरबा जिले के डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार उनके खिलाफ आवाज़ किसी राजनीतिक दल या बाहरी संगठन ने नहीं, बल्कि खुद महिला-पुरुष नगर सैनिकों ने उठाई। आरोप है कि अधिकारी द्वारा बेवजह नोटिस जारी करना और महिला कर्मियों से निजी एवं बेतुके सवाल पूछना उनकी आदत बन गई है।

लगातार बढ़ती कथित मनमानी के खिलाफ सोमवार को करीब 300 नगर सैनिकों ने कार्यालय परिसर में ही धरना देकर विरोध जताया। कर्मियों का कहना है कि कमाण्डेंट बीते कई दिनों से अलग-अलग तरीकों से स्टाफ को परेशान कर रहे थे—कभी परेड में अनुपस्थित रहने पर सामूहिक नोटिस, तो कभी व्यक्तिगत मुद्दों पर अनुचित टिप्पणियाँ।

नाराज़ कर्मियों का कहना है कि महिला नगर सैनिकों से निजी समस्याओं पर भद्दी शैली में पूछताछ की जाती है, जिससे माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा था। कई बार समझाने के बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं आया, तो जवानों ने विरोध का रास्ता चुना।

धरना शुरू होने की सूचना मिलते ही एडीएम देवेंद्र पटेल और एसडीएम सरोज महिलांगे मौके पर पहुंचे और नगर सैनिकों से चर्चा कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। जवानों ने अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

एक जवान की तबीयत बिगड़ी

विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नगर सैनिक की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल और तनावपूर्ण हो गया। साथी कर्मियों ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जहां उसका उपचार जारी है।

नगर सेना के स्थानीय इतिहास में यह पहली बार है जब किसी अधिकारी के रवैये के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर नगर सैनिकों को विरोध दर्ज कराना पड़ा है। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुटा है।