वादा खिलाफी से क्षुब्ध भू-विस्थापितों ने SECL गेवरा GM कार्यालय में 4 घंटे किया सत्याग्रह, एक ने दी नग्न प्रदर्शन की चेतावनी

मुआवजा-पुनर्वास और रोजगार नहीं मिलने से आक्रोशित दो परिवारों ने कार्यालय के अंदर बैठकर किया शांतिपूर्ण धरना, प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

कोरबा/गेवरा। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) गेवरा प्रोजेक्ट की वादा खिलाफी से तंग आकर दो भू-विस्थापित परिवारों ने गुरुवार को महाप्रबंधक कार्यालय के अंदर करीब चार घंटे तक सत्याग्रह किया। जोहनराम निर्मलकर और ललित महिलांगे अपने परिवार के साथ दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक GM ऑफिस के भीतर ही शांतिपूर्ण धरना देते रहे।

जोहनराम निर्मलकर ने बताया कि उनकी पुत्री के नाम किया गया मकान दो साल पहले उनकी मौत के बाद भी मुआवजा लटका हुआ है। गुस्से में उन्होंने कहा, “अगर मेरी नातिन के मकान का उचित मुआवजा नहीं मिला तो मैं अपनी नातिन को SECL को सौंप दूंगा।”

दूसरे भू-विस्थापित ललित महिलांगे ने प्रबंधन को खुली चेतावनी दी – “अगर एक हफ्ते में मुआवजा और अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं इसी कार्यालय परिसर में नग्न होकर प्रदर्शन करूंगा।”

दोनों परिवारों की मुख्य मांगें हैं:
लंबित मुआवजा का तुरंत भुगतान
पुनर्वास एवं बसाहट
एग्रेशिया राशि
परिवार के एक सदस्य को वैकल्पिक रोजगार

लगभग चार घंटे के धरने के बाद दोनों परिवारों ने SECL प्रबंधन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। भू-विस्थापितों का कहना है कि कोल माइंस के लिए अधिग्रहित उनकी जमीन-मकानों के बदले आज तक वादे के मुताबिक मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार आर्थिक-सामाजिक संकट में जीने को मजबूर हैं।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक निराकरण नहीं होता, वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। घटना के समय कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।