कोरबा। एसईसीएल दीपिका क्षेत्र की खदान विस्तार प्रक्रिया के तहत मलगांव की भूमि अधिग्रहित किए जाने से वहां का शैक्षणिक संस्थान भी झाबर स्कूल में विलय कर दिया गया है। इस वजह से पिछले 12 वर्षों से मलगांव स्कूल में सेवाएं दे रहे 70 प्रतिशत विकलांग अंशकालिक सफाई कर्मी बहादुर सिंह चौहान बेरोजगार हो गए हैं। उनके समायोजन की मांग गांव के सरपंच राम सिंह कंवर ने जिला प्रशासन से की है।
सरपंच ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि बहादुर सिंह चौहान अनुसूचित जनजाति कोटे से वर्ष 2011 में अनुसूचित जाति विकास मंत्रालय के आदेशानुसार मलगांव स्कूल में नियुक्त किए गए थे। खदान विस्तार के लिए गांव की सारी संपत्ति अधिग्रहित होने के बाद नियमित शिक्षकों का तो समायोजन हो गया, लेकिन चौहान का पद समाप्त हो गया, जिससे परिवार की आजीविका गंभीर संकट में है।
बताया गया कि चौहान बहरेपन की समस्या से पीड़ित हैं और 70 प्रतिशत विकलांगता प्रमाणित है। सरपंच ने मांग की है कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें झाबर स्कूल में ही समायोजित किया जाए, ताकि उनकी जीविका चालू रह सके।
ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगा।
Editor – Niraj Jaiswal
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