भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर कोरबा में जनजातीय गौरव दिवस, उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान

कोरबा। स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारी भूमिका निभाकर जनजातीय समाज को देशहित में संगठित करने वाले महानायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को कोरबा जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

जनजातीय समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहे बिरसा मुंडा की जयंती को जिले में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाते हुए इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों को भी सुना।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश पढ़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, अद्वितीय जननेता और क्रांति के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने आदिवासी समाज को जागृति, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष का मार्ग दिखाया। केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन और जनजातीय संस्कृति संरक्षण के कार्यों के कारण बिरसा मुंडा ‘धरती आबा’ के नाम से विख्यात हैं। कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि अंग्रेजी शासन के विरुद्ध कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर उन्होंने आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की रक्षा हेतु समाज को जागृत किया। इसी योगदान के कारण उन्हें भगवान के रूप में सम्मान प्राप्त है।

कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, प्रफुल्ल तिवारी, राजेश राठौर, पुनी राम साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनजातीय समाज के प्रमुख सदस्य, विद्यार्थी और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

योगदान के लिए सम्मान
समारोह में केआर राज, धनसिंह, चन्द्रभूषण सिंह, तिलक राम, विजय कुमार, भुवन सिंह और जोगी लाल सिदार को शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। शहीद जवानों के परिजनों को भी शॉल-श्रीफल भेंटकर नमन किया गया।

इसके अलावा विभिन्न परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों जयदेव राठिया, तनु पैकरा, उदिता कंवर और आरती, तथा उन्नत कृषक विजय सिंह कंवर, रामरत्न निकुंज, लक्ष्मी नारायण कंवर, हेमंत सिंह और पाल सिंह कंवर को भी मंच पर सम्मानित किया गया।

बिरसा मुंडा के बलिदान और योगदान को स्मरण करते हुए कार्यक्रम जनजातीय गौरव, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।