308 भू-प्रभावित परिवारों को नियमित नौकरी देने की मांग

राखड़ डैम प्रभावित ग्रामीणों का धरना, एसडीएम से चर्चा के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित

कोरबा।डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह कोरबा-पूर्व के राखड़ बांध निर्माण से प्रभावित गोढ़ी और पंडरीपानी के ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर 7 अगस्त से राखड़ डैम क्षेत्र में धरना शुरू किया। ग्रामीण वर्ष 2007 में अधिग्रहित भूमि के बदले प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को नियमित नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक राखड़ बांध के लिए वर्ष 2007 में उनकी पैतृक भूमि का भू-अर्जन किया गया था। इसके बाद 29 नवंबर 2010 को विधानसभा में घोषणा की गई थी कि 308 भू-प्रभावित कृषक परिवारों में से पात्रता एवं अहर्ता के अनुसार एक सदस्य को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड में नौकरी दी जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावित परिवारों के सदस्यों को नियमित रोजगार मिला, जबकि कई परिवारों के सदस्यों को नियमित पद के बजाय संविदा पर रोजगार दिया जा रहा है।

एसडीएम की समझाइश के बाद धरना स्थगित

धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम कोरबा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले पर प्रशासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को सोमवार को एसडीएम कार्यालय बुलाकर विस्तृत चर्चा करने की बात कही।

एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं होने पर वे दोबारा आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

नियमित नौकरी नहीं तो जमीन लौटाने की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप पात्र भू-प्रभावित परिवारों के सदस्यों को नियमित पद पर नौकरी दी जाए। यदि रोजगार नहीं दिया जाता है तो अधिग्रहित भूमि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। वर्षों से लंबित इस मामले को लेकर अब ग्रामीणों की नजर सोमवार को एसडीएम कार्यालय में होने वाली बैठक पर है।