गौशाला में मवेशी तड़पते मिले: 1 किलो से कम चारा,सिर्फ 1 कर्मचारी; गौ सेवा समिति भड़की, आयुक्त से की शिकायत

कोरबा।नगर निगम के गोकुल नगर पशु आश्रय स्थल में गौवंश की हालत देखकर जिला गौ सेवा समिति के सदस्य स्तब्ध रह गए। नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष विनय सिंह राठिया ने विजय अग्रवाल, देवी गोपाल और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ शुक्रवार को अचानक दौरा किया तो अव्यवस्था का आलम देख नाराजगी जाहिर की।

150 से ज्यादा गौवंश (48 गाय, 28 बैल, 49 बछिया, 77 बछड़े) रखे हैं, लेकिन चारा-पानी नाममात्र का है। एक पशु को रोजाना औसतन **एक किलो से भी कम** चारा मिल रहा है। पूरे केंद्र पर **केवल एक कर्मचारी** तैनात मिला। दो-तीन मवेशी मरणासन्न हालत में पड़े थे, कोई इलाज नहीं। रजिस्टर अपडेट नहीं, संचालक फोन पर टालमटोल करते रहे।

समिति ने इसे **पशु क्रूरता अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन** बताया। पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं, पशु चिकित्सा जांच के बाद भी कोई सुधार नहीं।

विनय सिंह राठिया ने कहा, “सरकार की गौ संरक्षण योजना का अपमान हो रहा है। यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं।” समिति ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर निगम आयुक्त और महापौर से तत्काल सुधार की मांग की।

प्रदेश सरकार ने जिला-ब्लॉक स्तर पर गौ सेवा समितियां बनाई हैं, जिसमें कलेक्टर, आयुक्त, सीईओ, एसडीएम सदस्य हैं। लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। समिति ने चेतावनी दी – **अविलंब सुधार न हुआ तो उच्चाधिकारियों तक शिकायत की जाएगी**।