गौवंश संरक्षण की दिशा में पहला कदम: गौ सेवा समिति की प्रथम बैठक संपन्न

कोरबा।छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत कोरबा जिले में गौवंश संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। जिला गौ सेवा समिति की पहली बैठक उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के सभाकक्ष में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष  विनय सिंह राठिया ने की। बैठक का संचालन प्रभारी उपसंचालक डॉ. मयंक गोस्वामी ने किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए “गौ सेवा धाम” की स्थापना था। योजना के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड में 10 गौ सेवा धाम संचालित किए जाएंगे, जहां घूमंतू एवं निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान किया जाएगा।

इसके लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर गौ सेवा समितियों का गठन किया गया है, जिसमें पशुधन विकास विभाग द्वारा सरकारी प्रतिनिधियों, अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

अध्यक्ष विनय सिंह राठिया ने बैठक में कहा कि योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रथम चरण में गौ सेवा धाम के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन किया जाएगा।

स्वयंसेवी संस्थाओं की वास्तविक स्थिति एवं निर्धारित मानकों के आधार पर पशुधन विकास विभाग की चिकित्सकीय टीम शीघ्र ही प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि योजना के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता या नकारात्मक रवैया अपनाने वाले विभागीय कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिकता के तौर पर राष्ट्रीय एवं प्रदेश राजमार्गों के निकट स्थित गौठानों को चयनित करने के निर्देश दिए गए।

योजना के सुचारु संचालन के लिए जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला पंचायत सीईओ को समिति का सदस्य बनाया गया है, ताकि कोई बाधा न आए। कोरबा जिले में अन्य जिलों की तर्ज पर शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित कर कार्यक्रम को गति प्रदान करने पर जोर दिया गया।

बैठक में जिला समिति के सदस्य विजय अग्रवाल, रामशरण तंवर,  देवी गोपाल, शिवप्रकाश, करतला खंड अध्यक्ष मारुति पटेल, कटघोरा खंड अध्यक्ष  गुरमीत सिंह तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने गौ सेवा धाम योजना को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।