दिल दहला देने वाली घटना:नवजात को झाड़ियों में जिंदा छोड़ फरार हुई क्रूर मां,रोने  की आवाज पर पहुंचे ग्रामीणों ने बचाई जान

कोरबा। जिले के बाकी मोगरा थाना क्षेत्र के कसरेगा गांव में प्रसव के तुरंत बाद एक निर्दयी मां ने अपने नवजात शिशु को जिंदा ही किसान नरेंद्र यादव की बाड़ी में झाड़ियों के बीच फेंककर फरार हो गई। नवजात की चीख-पुकार सुनकर किसान की मां सबसे पहले मौके पर पहुंचीं और डरते हुए घर लौटकर नरेंद्र को बताया। नरेंद्र अपने भाई के साथ बाड़ी पहुंचे तो झाड़ियों में पड़े नवजात पर मक्खियां और चींटियां भिनभिना रही थीं। यह दिल दहला देने वाला नजारा देख किसी का भी कलेजा फट जाए।

ग्रामीणों ने फौरन सरपंच को सूचना दी, जिन्होंने बाकी मोगरा थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस को बुलाया। मौके पर पुलिस और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई, जहां सबके चेहरे पर आक्रोश साफ दिख रहा था। नवजात को तुरंत कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों की रिपोर्ट: बीएमओ डॉ. रश्मि कंवर ने बताया, “बच्चा अस्पताल पहुंचने पर नाजुक हालत में था। शरीर पर कई खरोंच के निशान थे, जिससे वह लगातार रो रहा था। एंटीबायोटिक्स दी गई है और ऑक्सीजन पर रखा गया है। जन्म को महज 24 घंटे बीते हैं। अगले कुछ घंटे निर्णायक हैं।”

पुलिस जांच: थाना प्रभारी ने कहा, “यह अमानवीय कृत्य है। नवजात कैसे पहुंचा, इसकी गहन जांच चल रही है। संदिग्ध प्रसूता महिलाओं की तलाश में आसपास के गांवों में छापेमारी शुरू। लोकलाज या अवैध संबंधों से प्रेरित हो सकती है घटना, लेकिन दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” किसान नरेंद्र यादव और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

ग्रामीणों में गुस्सा चरम पर है। वे जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। यह घटना कोरबा में हाल की समान वारदातों की याद दिलाती है, जहां नवजातों को कचरे या खेतों में फेंका गया। मातृत्व की पवित्रता पर करारा प्रहार करने वाली इस घटना से समाज सोचने पर मजबूर है।

नवजात की सलामती की कामना के साथ पुलिस को जल्द मां का पता लगाने की उम्मीद है।