4 नवंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण: बीएलओ के मांगने पर दस्तावेज दिखाना अनिवार्य

कोरबा। चुनाव आयोग के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 4 नवंबर से शुरू हो रहा है, जो फरवरी 2026 तक चलेगा।

इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान स्थिति का मिलान करेंगे और मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज मांगेंगे। यदि किसी का नाम 2003 की सूची में नहीं है, तो पहचान प्रमाण दिखाना जरूरी होगा, कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी।

जिले में प्रिंटिंग व प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक पूरा होगा। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण और सूचीकरण होगा। 9 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिस पर 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां ली जाएंगी। दावों का सत्यापन 31 जनवरी 2026 तक पूरा कर 7 फरवरी को अंतिम सूची जारी होगी।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचक अधिकारी अजीत वसंत ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अभियान की जानकारी दी और सहयोग मांगा। सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलओ नियुक्त हैं, जो फॉर्म-6, 7, 8 व 8ए वितरित व संग्रह करेंगे। बीएलओ को प्रशिक्षण, पुस्तिका व पहचान पत्र दिए गए हैं।

पर्यवेक्षक व सहायक निर्वाचक निबंधक निगरानी करेंगे।

1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा नाम दर्ज करा सकते हैं। नाम जोड़ने, सुधार या हटाने के लिए बीएलओ, मतदान केंद्र, निर्वाचन कार्यालय या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिले में शुद्ध फोटोयुक्त मतदाता सूची बनाने के लिए सभी दलों से सहयोग अपील की गई है। राजनीतिक दलों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।