फसल ऋण वृद्धि और फसल विविधीकरण पर कृषि आयुक्त की संभागीय बैठक

कोरबा। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बढ़ते कृषि रकबा के साथ किसानों द्वारा लिए जाने वाले फसल ऋण वितरण में वृद्धि कैसे हो, इसकी रणनीति किस तरह की होनी चाहिए इस विषय पर कृषि उत्पादन आयुक्त सहला निगार ने कोरबा में संभाग स्तरीय बैठक ली। संभाग के कृषि अधिकारियों के साथ यहां भारी मंथन हुआ।

कृषि व्यवस्था को अधिक सुदृढ बनाने तथा आगामी फसल सीजन की तैयारी के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार की अध्यक्षता में कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक हुई। इसमें खरीफ वर्ष 2025 के प्रगति तथा रबी वर्ष 2025-26 कार्यक्रम निर्धारण किया गया।

एपीसी बैठक में खरीफ 2025 में धान के रकबे में कमी एवं फसल विविधीकरण,रबी 2024-25 की तुलना में क्षेत्राच्छादन में वृद्धि तथा रबी / ग्रीष्म (जायद) अल्पकालीन फसल ऋण वितरण में वृद्धि की रणनीति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत अपात्र एफआरए एवं पीवीटीजी कृषक तथा अन्य संदिग्ध प्रकरण का समय सीमा में सत्यापन तथा समय सीमा में एग्रीस्टेक अंतर्गत पंजीयन की कार्ययोजना बनाई गई।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती निगार ने एपीसी बैठक में संभाग से उपस्थित समस्त जिले के कलेक्टर को शासन की मंशानुरूप खरीफ 2025 के अंतर्गत धान के रकबे में कमी लाने, फसल विविधीकरण, दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को धान के अतिरिक्त दलहन तिलहन व अन्य फसलों के लिए प्रोत्साहित करने  व शासन की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध उपलब्ध कराये जाने की बात कही।

बिलासपुर संभाग के केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की वित्तिय प्रगति, मिट्टी परीक्षण, बीजों के वास्तविक मांग, रबी फसल हेतु ज्यादा से ज्यादा कृषको को प्रेरित करें व केसीसी लोन सुनिश्चित करें, राष्ट्रीय स्तर पर फसलों की उपज बढ़ाने की दिशा में कार्य करने हेतु दिशा निर्देश दिये गये।

बैठक में बिलासपुर सभांगायुक्त सुनील कुमार जैन, संचालक कृषि राहुल देव सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत मुख्य रूप से उपस्थित थे।

सम्मान के लिए एग्रोस्टैक पंजीयन जरूरी
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के लिए पंजीकृत किसानों का एग्री-स्टैक अंतर्गत पंजीयन अनिवार्य बताया गया।

सभी जिलों को शेष लाभार्थियों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने तथा संदिग्ध प्रकरणों का सत्यापन समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।