सीआईएसएफ की तैनाती के बावजूद एसईसीएल में चोरी, 15 मीटर कॉपर केबल पार

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा पत्र

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के गेवरा क्षेत्र में खदान और अन्य महत्वपूर्ण परिसरों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की तैनाती के बावजूद चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गेवरा क्षेत्र के 132 केवी सब-स्टेशन में अज्ञात चोरों ने करीब 15 मीटर महंगी एचटी पावर कॉपर केबल काटकर चोरी कर ली। घटना सामने आने के बाद एसईसीएल सुरक्षा विभाग ने दीपका पुलिस को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।

सब-स्टेशन में चोरी का मामला
क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी, गेवरा क्षेत्र को भेजे गए पत्र के अनुसार जनरल शिफ्ट के कर्मचारियों ने 132 केवी सब-स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान सीआईएसएफ सुरक्षा गार्ड रूम के सामने रखी करीब 15 मीटर लंबी 3.3 केवी ग्रेड-3 कोर की एचटी पावर कॉपर केबल गायब मिली। मौके पर साइट स्टोर के गेट का ताला भी टूटा हुआ पाया गया।

जांच में सामने आया कि 7 अगस्त की रात 10 बजे से 8 अगस्त की सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में एएसआई रहमान सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी थी। सुरक्षा विभाग के अनुसार इस अवधि में हुई चोरी की सूचना ड्यूटी के दौरान नहीं दी गई। वहीं 8 अगस्त को प्रथम शिफ्ट के सुरक्षा गार्ड को चार्ज सौंपते समय भी घटना की जानकारी नहीं दी गई।

पुलिस से कार्रवाई की मांग
एसईसीएल सुरक्षा विभाग ने दीपका पुलिस को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच, अज्ञात चोरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चोरी हुए सामान की बरामदगी कराने का आग्रह किया गया है।

दीपका पुलिस के अनुसार सुरक्षा विभाग से प्राप्त पत्र के आधार पर मामले का संज्ञान लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कैमरे और सीआईएसएफ के बावजूद सवाल
एसईसीएल क्षेत्रों में चोरी रोकने के लिए सीआईएसएफ की तैनाती के साथ ही निगरानी के लिए हाई फ्रीक्वेंसी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद खदान क्षेत्र से लगातार महंगे सामान चोरी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों और कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम होने के बावजूद यदि चोर आसानी से परिसर में प्रवेश कर केबल काटकर ले जा रहे हैं, तो निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली की गंभीरता से समीक्षा जरूरी है। अब पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और चोरी के सामान की बरामदगी पर नजर है।