रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की संयुक्त टीमों ने बुधवार को चार जिलों में व्यापक छापेमारी की। रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी में दर्जनभर से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां कारोबारियों, सप्लायरों और ब्रोकरों के परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
सरकारी सप्लाई में अनियमितताओं और कमीशन के लेन-देन की जांच तेज हो गई है।
रायपुर में प्रमुख ठिकानों पर दबिश
राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में ACB-EOW की टीम ने छापा मारा। यहां से संबंधित दस्तावेजों की तलाशी ली गई। इस घोटाले में पहले ही कई सरकारी अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, और अब निजी क्षेत्र के लोगों पर शिकंजा कस रहा है।
दुर्ग में कारोबारी मनीष पारख के घर छापा
दुर्ग जिले के महावीर नगर में प्रमुख सप्लायर मनीष पारख के आवास पर अफसरों की टीम पहुंची। पारख पर सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। छापे के दौरान दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए, जो जांच एजेंसियों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
धमतरी के सिर्री गांव में ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के निवास पर कार्रवाई
धमतरी जिले के सिर्री गांव में ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के घर पर EOW की दो गाड़ियों में भरी टीम ने दबिश दी। घर की तलाशी लेने के बाद कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर टीम लौट गई। अभिषेक पर DMF फंड के दुरुपयोग का संदेह है।
राजनांदगांव में तीन बड़े कारोबारियों के चार ठिकानों पर छापेमारी
राजनांदगांव शहर में सबसे ज्यादा सक्रियता देखी गई। यहां तीन प्रमुख कारोबारियों जो सरकारी सप्लाई और माइंस से जुड़े हैं के चार ठिकानों पर एक साथ छापा पड़ा। सत्यम विहार नाहटा, भारत माता चौक पर राधा कृष्ण एजेंसी (कारोबारी का घर सहित), और कामठी लाइन के किराया भंडार में जांच जारी रही। प्रत्येक स्थान पर दो-दो गाड़ियों में टीमें तैनात थीं।
DMF घोटाला छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा कांड है, जिसमें करोड़ों रुपये के फंड का गबन हुआ था। ACB-EOW की इस कार्रवाई से घोटाले के नए खुलासे होने की उम्मीद है। जांच जारी है, और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
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