देव दीपावली पर हसदेव महाआरती को लेकर विवाद, हिन्दू क्रांति सेना और नमामि हसदेव आमने-सामने

कोरबा। आगामी 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली देव दीपावली के अवसर पर कोरबा के हसदेव घाट पर महाआरती के आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। हिन्दू क्रांति सेना और नमामि हसदेव सेवा समिति ने अपने-अपने दावों के साथ आयोजन की अनुमति मांगी है, लेकिन प्रशासन अब तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा है।

इस अनिश्चितता के बीच आयोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

नमामि हसदेव सेवा समिति का दावा है कि वह पिछले पांच वर्षों से हर पूर्णिमा और अमावस्या पर हसदेव घाट पर महाआरती करती आ रही है और पर्यावरण संरक्षण के लिए नदी सफाई जैसे कार्यों में योगदान दे रही है।

वहीं, हिन्दू क्रांति सेना का कहना है कि वे भी पिछले तीन-चार वर्षों से उसी घाट पर इसी तरह के आयोजन करते रहे हैं और उन्हें देव दीपावली के लिए अनुमति दी जानी चाहिए। शुक्रवार को नमामि हसदेव द्वारा आयोजन की तैयारी के लिए सामान लाने पर प्रशासन ने उनके कार्यों को रोक दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

हिन्दू क्रांति सेना ने तर्क दिया कि जैसे कारगिल विजय दिवस पर नेताजी सुभाष चौराहे पर पूर्व सैनिक संघ को कार्यक्रम की अनुमति मिलती है, वैसे ही उन्हें भी हसदेव घाट पर आयोजन का अधिकार है। दूसरी ओर, नमामि हसदेव का कहना है कि उनकी वर्षों पुरानी परंपरा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

प्रशासन ने अभी तक किसी भी संगठन को अनुमति नहीं दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार देव दीपावली पर हसदेव घाट पर महाआरती हो पाएगी?

शहरवासियों की नजरें प्रशासन के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।