37 लाख की कथित वित्तीय गड़बड़ी पर गुरसिया सरपंच निलंबित

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच हेमलता बघेल को 37.26 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ग्रामवासियों की शिकायत पर हुई जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने यह कार्रवाई की है।

साथ ही उनके विरुद्ध पद से पृथक करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

प्रशासन के अनुसार ग्रामवासियों ने सरपंच पर वित्तीय अनियमितता एवं पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके बाद जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा विस्तृत जांच कराई गई।

जांच प्रतिवेदन और ग्राम पंचायत के बैंक खाते के विवरण में पाया गया कि सरपंच ने तत्कालीन पंचायत सचिव के साथ संयुक्त हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए ग्राम पंचायत के शासकीय खाते से स्वीकृत निर्माण कार्यों की 37 लाख 26 हजार रुपये की राशि कथित रूप से अपने निजी बचत खाते में स्थानांतरित कर दी।

प्रशासन ने इस कृत्य को गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं गबन की श्रेणी में मानते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई प्रारंभ की है। एसडीएम न्यायालय में सरपंच को पद से पृथक करने का प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

आदेश में कहा गया है कि सरपंच के पद पर बने रहने से ग्राम पंचायत के कार्य, अभिलेख तथा निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान हेमलता बघेल पंचायत के किसी भी शासकीय कार्य का संचालन नहीं कर सकेंगी। साथ ही उन्हें ग्राम पंचायत के सभी शासकीय अभिलेख, प्रभार एवं सामग्री तत्काल संबंधित अधिकृत अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।