हरदीबाजार में भड़का आक्रोश: जबरन नापजोख के खिलाफ ग्रामीणों की जागरूकता रैली, एसईसीएल पर लगे गंभीर आरोप

कोरबा।एसईसीएल दीपका कोयला खदान के लिए हरदीबाजार की जमीन अधिग्रहण का मामला अब उग्र रूप ले चुका है। सरकारी कार्यालयों की नापजोख किसी तरह पूरी हुई, लेकिन ग्रामीणों की निजी संपत्तियों की जबरन नापजोख के प्रयास पर स्थानीय लोग भड़क उठे। पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने जागरूकता रैली निकालकर प्रशासन और प्रबंधन पर दबाव बनाने के आरोप लगाए।

ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय नाजायज तरीके से मकानों का सर्वे करा रहा है। रैली में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि अब अफसरों को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। बैनर-पोस्टरों के साथ आसपास के गांवों के सरपंच और ग्रामीण भी रैली में शरीक हुए।

यह रैली हरदीबाजार कॉलेज चौक से शुरू होकर पुराना दीपका रोड, शांतिनगर, शिक्षक नगर, कॉलेज रोड, उत्तरदा रोड, गांधीनगर, मेन रोड, बस स्टैंड, हॉस्पिटल मोहल्ला तक पहुंची। रैली के माध्यम से लोगों को आह्वान किया गया कि एसईसीएल के झांसे में न आएं और किसी भी हाल में अपनी संपत्तियों की नापजोख न कराएं।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं: व्यापार व आवागमन के लिए बाईपास से जुड़ा बसाहट स्थल, 2004 के बाद और 2010 से पहले जन्मे बच्चों के लिए नौकरी के पत्रक 5-6 मिलान कर सत्यापित प्रति, तथा बिना सूचना के किए गए ड्रोन सर्वे को अमान्य घोषित करना।

रैली में पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, सरपंच लोकेश्वर कंवर, विधायक प्रतिनिधि नरेश टंडन, उपसरपंच रेखा जायसवाल, भाजपा जिला मंत्री अजय दुबे, रामशरण कंवर, पूर्व सरपंच युवराज सिंह कंवर, प्रियंका जायसवाल, राजेश जायसवाल, संसदीय प्रतिनिधि दिलीप राठौर सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विवाद सुलझाने के लिए प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।