गेवरा खदान में CISF का लाठीचार्ज: शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हिंसा, 4 नेता घायल; किसान सभा ने दी खदान बंद करने की चेतावनी

कोरबा। SECL की गेवरा खदान में भू-विस्थापितों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान CISF ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू, रमेश दास, बिमल दास और गुलाब दास सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। SECL अधिकारी वार्ता के लिए बुला रहे थे, लेकिन CISF के एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की।

इसके तुरंत बाद लाठीचार्ज शुरू हो गया। घायलों को जबरन उठाकर दीपका थाने ले जाया गया। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंचे और CISF अधिकारियों पर FIR दर्ज करने की मांग की। थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने घायलों का मेडिकल कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने लाठीचार्ज को SECL महाप्रबंधक की तानाशाही करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि “बिना रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा समाधान के खदान विस्तार नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने मांग की कि हर छोटे खातेदार को नियमित नौकरी, उचित मुआवजा, पुनर्वास और मुआवजा कटौती तुरंत बंद की जाए।

दीपक साहू ने कहा, “लाठी और बंदूक के बल पर खदान नहीं चलेगी। पहले लंबित मांगें पूरी हों।”

किसान सभा ने स्पष्ट किया कि पुरानी अधिग्रहित भूमि के रोजगार-मुआवजा प्रकरण अभी तक लंबित हैं, जबकि नए क्षेत्रों में तेजी से खनन विस्तार हो रहा है। संगठन ने घोषणा की कि बसावट, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं का समाधान होने तक नया खनन विस्तार रोका जाएगा।

आंदोलन को और उग्र करने की तैयारी शुरू हो गई है।

गेवरा क्षेत्र के कई गांवों के सैकड़ों भू-विस्थापित प्रदर्शन में शामिल हुए। किसान सभा के पदाधिकारी अब आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।