दीपका खदान विस्तार: मुआवजे पर वार्ता विफल, विस्थापितों ने ठुकराया 8 लाख प्रति एकड़ का प्रस्ताव

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार क्षेत्र की जमीन अधिग्रहण को लेकर तहसील कार्यालय में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक बेनतीजा रही। प्रशासन, एसईसीएल अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई इस बैठक में मुआवजे को लेकर सहमति नहीं बन सकी।

बैठक में बसाहट, रोजगार और अन्य व्यवस्थाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई, लेकिन मुआवजे के मुद्दे पर विवाद गहरा गया। अधिकारियों ने मौजूदा बाजार दर को खारिज करते हुए प्रति एकड़ केवल 8 लाख रुपये की पेशकश की, जिसे स्थानीय लोगों ने अस्वीकार कर दिया।

पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर और सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर ने कहा कि यह मुआवजा नाकाफी है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों पर दीर्घकालिक हितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

स्थानीय लोगों ने एसईसीएल के दीपका सीजीएम संजय मिश्रा के रवैये पर भी नाराजगी जताई और उनके तानाशाही व्यवहार को वार्ता विफल होने का कारण बताया। इस मुद्दे को उच्च स्तर तक ले जाने की बात कही गई है।

पहले भी सरकारी जमीन के सर्वे के दौरान भारी विरोध हुआ था, और लोग अपनी निजी कृषि व गैर-कृषि जमीन देने को तैयार नहीं हैं।