बांगो जलाशय में 92.48 फीसदी जलभराव, कभी भी खोले जा सकते हैं गेट

पानी की आवक लगातार बढ़ी, हसदेव नदी किनारे के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट; संपत्तियां सुरक्षित स्थान पर हटाने के निर्देश

कोरबा।लगातार हो रही बारिश के चलते मिनीमाता बांगो जलाशय में जलभराव तेजी से बढ़ रहा है। जलाशय में शुक्रवार रात 7.45 बजे तक 92.48 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया। जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ने की स्थिति में मिनीमाता बांगो बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के किनारे और संभावित बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-3 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एसके भारती ने बताया कि वर्षाकाल में आवश्यकता पड़ने पर बांध से हसदेव नदी में पानी कभी भी प्रवाहित किया जा सकता है। ऐसे में बांध के नीचे हसदेव नदी के किनारे तथा बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थान पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

खदान और औद्योगिक इकाइयों को भी अलर्ट
जल संसाधन विभाग ने बाढ़ क्षेत्र में संचालित खनिज खदानों, ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और विभिन्न संस्थानों को भी अपनी परिसंपत्तियां बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सूचित किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अचानक बाढ़ आने से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

प्रभावित गांवों में मुनादी के निर्देश
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रभावित गांवों में चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित बाढ़ क्षेत्र में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य गांव शामिल हैं।

जलाशय में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।