सरभोका के सरकारी स्कूल में नई शिक्षिका की ज्वाइनिंग से शिक्षा में क्रांति, विद्यार्थियों में उत्साह

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाक के सरभोका गांव के सरकारी स्कूल में दशकों बाद सहायक शिक्षिका की नियुक्ति ने शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति ला दी है। इस नियुक्ति से न केवल विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ में भी उत्साह का माहौल है।

वर्ष 1982-83 से संचालित इस स्कूल में वर्तमान में 45 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें अधिकतर हसदेव बांगो बांध डुबान क्षेत्र के भू-विस्थापित गरीब परिवारों से हैं। पिछले दो वर्षों से यह स्कूल एकलशिक्षकीय था, जिसके कारण प्रधानपाठक त्रिभुज सिंह तंवर और विद्यार्थियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। नई शिक्षिका श्रीमती तंवर की नियुक्ति के बाद शिक्षण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

विद्यार्थियों ने बताया कि नई शिक्षिका उन्हें आसान और प्रभावी तरीके से पढ़ाती हैं, जिससे उनकी समझ और चेतना का स्तर बढ़ा है।

कक्षा पांचवीं की छात्रा कृषिका, एंजल, रोहित, चौथी कक्षा की आलिया, अविनाश और तीसरी कक्षा की बबीता ने कहा, “हमें अब सही ज्ञान मिल रहा है और स्कूल में समय पर नाश्ता व भोजन भी मिलता है।” इस बदलाव ने स्कूल के माहौल को और जीवंत बना दिया है।