सड़कों की दुर्दशा के खिलाफ सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन, नागरिकों का प्रशासन के खिलाफ फूटा आक्रोश

कोरबा। कोरबा शहर की बदहाल सड़कों को लेकर नागरिकों का गुस्सा गुरुवार को उस समय सड़कों पर फूट पड़ा, जब नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर की अगुवाई में ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर सैकड़ों लोगों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों, पार्षदों, और समाज के मुखियाओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम की उदासीनता पर कड़ा रोष जताया।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन पर शासन की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा, “कोरबा में हजारों करोड़ रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिवाली के बाद भी सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी, तो नागरिकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

धरने में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना, छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी, आम आदमी पार्टी, जिला अधिवक्ता संघ, जिला ऑटो संघ, सिटी मिनी बस यूनियन, भूस्थापित कामगार संगठन, किसान संगठन, और कुसमुंडा व्यापारी संघ जैसे संगठनों ने हिस्सा लिया। पार्षद अब्दुल रहमान, विनम्र तिवारी, टामेश अग्रवाल, प्रीति दिनेश शर्मा, पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पप्पी, महेश अग्रवाल, दिनेश सोनी, संतोष कैवर्त सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित किया। नेताओं ने एक स्वर में जिला प्रशासन को सड़कों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कोरबा का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना की मुखिया दिलीप मिरी, जोहार पार्टी के सोनू राठौर, आम आदमी पार्टी की आनंद सिंह, किसान नेता दिलहरण सारथी, और जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गणेश कुलदीप ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।

यह धरना शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नागरिकों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मांगें पूरी न होने पर वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।