त्योहारी सीजन में चोरों की खुली चुनौती: बिजली का खंभा काटकर ले उड़े, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कोरबा। त्योहारी सीजन में जब शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के दावे किए जा रहे हैं, तब चोरों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती दी है। रविवार रात को अर्धनिर्मित मल्टिप्लेक्स के पास सड़क किनारे रखे बिजली के खंभों में से एक को चोरों ने कटर मशीन से काटा और पिकअप वाहन में लादकर फरार हो गए।

इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि चार-पांच लोग पिकअप वाहन से उतरकर बड़े आराम से खंभा काटते हैं और उसे लादकर फरार हो जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात तब हुई, जब सड़क पर वाहनों और लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई थी। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर पावरहाउस चौक पर पुलिस जवानों की तैनाती रहती है, लेकिन घटना के समय उनकी मौजूदगी संदेह के घेरे में है।

कबाड़ माफिया का बढ़ता दुस्साहस
यह घटना कबाड़ माफिया और लोहा चोरों के बुलंद हौसलों को दर्शाती है, जो अब दिनदहाड़े चोरी करने से भी नहीं डर रहे। इससे पहले भी नगर निगम की रेलिंग, सौंदर्यीकरण में लगे लोहे और अन्य सामग्री की चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस ने कई बार कबाड़ में वाहनों को काटकर बेचने वाले गिरोहों को पकड़ा है, लेकिन चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
कोतवाली और अन्य थानों में हाल के दिनों में बाइक चोरी की शिकायतें लगातार दर्ज हो रही हैं, जिनमें से कई वाहन अभी तक बरामद नहीं हुए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चोरी की बढ़ती घटनाओं के पीछे थाना-चौकी स्तर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत भी है। उनका कहना है कि मैदानी अमले के कुछ कर्मचारी ऐसे गिरोहों को संरक्षण देते हैं, जिससे कबाड़ चोरी और नशे का कारोबार फल-फूल रहा है।

आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिजली का खंभा चुराने वाले बदमाश कब पुलिस की पकड़ में आते हैं। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस इस पूरे कबाड़ माफिया नेटवर्क को ध्वस्त कर पाएगी या फिर हमेशा की तरह कुछ औपचारिक कार्रवाई के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।