सेवा मेरा योगदान : दिव्यांगजनों को मिले सहारे के साथ आत्मविश्वास के पंख

सेवा संकल्प अभियान के तहत सीएसईबी जूनियर क्लब में दिव्यांग सहायता शिविर, ब्रेल किट, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल सहित मिले सहायक उपकरण

कोरबा। किसी जरूरतमंद के जीवन को थोड़ा आसान बना देना ही सबसे बड़ी सेवा है। इसी भावना को साकार करते हुए ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा संकल्प अभियान द्वारा सीएसईबी जूनियर क्लब (पूर्व) में दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांगजनों का विशेषज्ञों ने मूल्यांकन एवं परीक्षण किया और उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

‘हर दिव्यांगजन तक पहुंचे सुविधा और सम्मान’
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा और उनके जीवन को सुगम बनाने में सहयोग करना ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण केवल दैनिक जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का सहारा भी देते हैं।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने समाज के लोगों से भी दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना के साथ आगे आने की अपील की।

ब्रेल और श्रवण किट से आसान होगी पढ़ाई
शिविर में दिव्य ज्योति विशेष स्कूल एवं उमंग दिव्यांग स्कूल के दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों को ब्रेल किट एवं श्रवण किट प्रदान की गई। उपकरण मिलते ही बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया।

ब्रेल किट और श्रवण किट बच्चों के लिए पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने में उपयोगी साबित होंगे।

इस दौरान बच्चों की खुशी ने शिविर के माहौल को भावुक और आत्मीय बना दिया। कलेक्टर ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

जरूरत के अनुसार मिले उपकरण
शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामों से आए दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। साथ ही कई दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन और आवागमन में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। सहायक उपकरण प्राप्त करते समय उनके चेहरों पर दिखाई दी खुशी और आत्मविश्वास इस पहल की सार्थकता को बयां कर रहा था।

एक ही जगह मिल रही जांच से लेकर प्रमाण पत्र तक की सुविधा
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड से संबंधित प्रक्रिया में भी सहायता दी जा रही है।

इस पहल से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर परीक्षण, मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना से आयोजित यह अभियान दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक कदम साबित हो रहा है।