जटगा पंचायत में विकास कार्यों के भुगतान पर उठे सवाल, जांच की मांग

विनय ट्रेडर्स को किए गए भुगतानों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग

कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत जटगा में विभिन्न विकास कार्यों और उनसे जुड़े भुगतानों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जटगा निवासी दीपक कुमार गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कलेक्टर को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर किए गए भुगतानों की वास्तविकता का भौतिक सत्यापन कराया जाना जरूरी है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों और उन पर खर्च की गई राशि की जानकारी ग्रामवासियों को उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई है कि पंचायत के विकास कार्यों से जुड़े कुछ दावे कागजों तक सीमित हो सकते हैं।

विनय ट्रेडर्स के भुगतान की जांच की मांग
शिकायत में बताया गया है कि ‘विनय ट्रेडर्स, जटगा’ के नाम से विभिन्न सामग्रियों एवं कार्यों से संबंधित भुगतान की प्रविष्टियां ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज हैं। शिकायतकर्ता ने संबंधित प्रतिष्ठान के वास्तविक अस्तित्व, दुकान के संचालन और उसके माध्यम से की गई खरीदी एवं भुगतान का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।

उन्होंने फर्म के जीएसटी पंजीयन, व्यापार पंजीयन, पैन सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज भुगतान विवरण का संबंधित बिल-वाउचर से मिलान करने और खरीदी गई सामग्रियों की वास्तविक उपलब्धता तथा उनके उपयोग का मौके पर सत्यापन कराने की मांग की गई है।

बैंक खाते और पंचायत अभिलेखों के मिलान पर जोर
शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत के बैंक खाते से किए गए भुगतानों की भी जांच की मांग की है। इसके अलावा पंचायत की संकल्प पुस्तिका में दर्ज प्रविष्टियों, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के भुगतान विवरण और मूल पंचायत अभिलेखों का आपस में मिलान कराने की मांग की गई है।

दीपक कुमार गुप्ता का कहना है कि दस्तावेजों और मौके पर किए जाने वाले भौतिक सत्यापन से विकास कार्यों और उनके भुगतान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

उन्होंने जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने अधिकारियों से मामले की विस्तृत जांच कर जांच प्रतिवेदन से अवगत कराने का भी आग्रह किया है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान और विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।