पसान में हाथियों का बढ़ा आतंक, पांच से अधिक इलाकों में डेरा

कटघोरा वनमंडल में करीब 50 हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत, खेतों में धान की फसल रौंदी; दो लोनर हाथियों ने बढ़ाई चिंता

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। अलग-अलग झुंडों में बंटे करीब 50 हाथी क्षेत्र के पांच से अधिक स्थानों पर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के झुंड ग्रामीणों के खेतों तक पहुंचकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और प्रभावित गांवों में बड़े पैमाने पर मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

गांवों में मुनादी, जंगल से दूर रहने की सलाह
बताया गया कि केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज में विचरण कर रहा करीब 50 हाथियों का दल अब पसान क्षेत्र में पहुंचा है। हाथियों के अलग-अलग झुंडों में बंट जाने से उनकी मौजूदगी कई स्थानों पर बनी हुई है। वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों और उनके मूवमेंट पर नजर रख रही हैं।

ग्रामीणों को मुनादी के जरिए हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी जा रही है। लोगों से जंगल की ओर नहीं जाने, हाथियों के करीब न जाने और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।

दो लोनर हाथियों ने बढ़ाई चिंता
हाथियों के दल में दो लोनर हाथी भी शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों झुंड से अलग-अलग विचरण कर रहे हैं। ऐसे हाथियों को लेकर वन विभाग ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है, क्योंकि झुंड से अलग विचरण करने वाले हाथियों की गतिविधियों का अनुमान लगाना मुश्किल होता है।

पसान क्षेत्र में हाथियों के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग से हाथियों की लगातार निगरानी और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम की अपेक्षा कर रहे हैं।

करतला में भी हाथियों की मौजूदगी
इधर कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में एक दंतैल हाथी शामिल बताया गया है। जानकारी के अनुसार दंतैल हाथी बीती रात बड़मार क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए जंगल के रास्ते छाल रेंज की ओर लौट गया। उसके वापस लौटने से संबंधित क्षेत्र में फिलहाल राहत की स्थिति है।

वहीं करीब 9 हाथी अभी भी चिकनीपाली के पहाड़ पर डटे हुए हैं। बताया गया कि यह दल अधिकांश समय पहाड़ी क्षेत्र में ही विचरण करता है। वन विभाग दोनों रेंज में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।