एसईसीएल के ठेका वर्करों का बोनस के लिए हंगामा, कुसमुंडा-मानिकपुर में प्रदर्शन

कोरबा।दशहरा और दीपावली के मौके पर बोनस की मांग को लेकर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के ठेका कामगारों ने सोमवार को कुसमुंडा, मानिकपुर और दीपका खदानों में जोरदार प्रदर्शन किया।

ठेका वर्करों ने कामकाज ठप कर नारेबाजी की और प्रबंधन व आउटसोर्सिंग कंपनियों पर दबाव बनाया। उनका कहना था कि जब नियमित कर्मचारियों को समान काम के लिए बोनस मिल रहा है, तो ठेका वर्करों को क्यों नहीं?

कुसमुंडा और मानिकपुर कोल माइंस में ठेका कामगारों ने कहा कि वे खदान के कार्यों में बराबर की भूमिका निभाते हैं, फिर भी बोनस से वंचित हैं। उन्होंने कलिंगा सहित सभी निजी कंपनियों से ठेका वर्करों को बोनस देने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि जब अन्य कंपनियां अपने ठेका कर्मियों को बोनस दे रही हैं, तो एसईसीएल के तहत काम करने वाली कंपनियां इससे अलग कैसे हो सकती हैं? विभिन्न साइटों पर कामगारों ने काम से दूरी बनाकर प्रबंधन और अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई।

वहीं, गेवरा परियोजना के मेंन गेट श्रमिक चौक में हिंद खदान मजदूर फेडरेशन (एचएमएस) और संयुक्त मोर्चा ने ठेका वर्करों के संघर्ष को समर्थन दिया। संगठन ने विभागीय और ठेका मजदूरों को सम्मानजनक बोनस के लिए बधाई दी और आश्वासन दिया कि अगर ठेका वर्करों को बोनस नहीं मिला, तो उनके लिए संघर्ष जारी रहेगा।

हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू के आह्वान पर कोल सेक्टर में गेट मीटिंग और धरना आयोजित किया गया, जिसके बाद प्रबंधन को बोनस पर चर्चा के लिए बैठक करनी पड़ी। संगठन ने ठेका कामगारों की भूमिका की सराहना की और दोहराया कि हर हाल में उन्हें बोनस दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।