एनएचएम कर्मचारियों में आक्रोश, 10 दिन बाद भी मांगों पर आदेश जारी नहीं, बहाली और वेतनवृद्धि अटकी

रायपुर।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की 33 दिनों तक चली ऐतिहासिक हड़ताल को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद 10 दिन पहले स्थगित किया गया था। हालांकि, कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में से स्वीकृत 5 मांगों पर अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों में उदासीनता और आक्रोश बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया के सामने घोषणा की थी कि 5 मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विशेष रूप से, 1 जुलाई 2023 से लागू होने वाली 5% वेतन वृद्धि और 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली जैसे प्रमुख मुद्दों पर अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने हड़ताल समाप्ति के तुरंत बाद आदेश जारी करने का वादा किया था, लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी स्थिति अपरिवर्तित है।

एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी और प्रवक्ता पूरन दास ने कहा, “मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई थी, लेकिन स्वीकृत मांगों पर आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा है। 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का निर्णय भी लंबित है।”

कर्मचारियों ने नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री विकास शील से विशेष उम्मीद जताई है, जिन्होंने 2011 में स्वास्थ्य सचिव के रूप में एनएचएम कर्मचारियों के लिए आवास व्यवस्था लागू की थी। आज की कैबिनेट बैठक में 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली पर निर्णय की उम्मीद है।

एनएचएम कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगें:


संविलियन एवं स्थायीकरण

ग्रेड पे या वेतनमान निर्धारण

पब्लिक हेल्थ अकादमी और पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना

कार्यमूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता

लंबित 27% वेतन वृद्धि

नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण

अनुकंपा नियुक्ति

मेडिकल एवं अन्य अवकाश सुविधा

स्थानांतरण नीति

न्यूनतम 10 लाख की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा

कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः आंदोलन शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।