बाढ़ और गैस रिसाव पर मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन 

कोरबा। जिला प्रशासन कोरबा ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर आज कटघोरा और कोहड़िया में दो मॉक ड्रिल आयोजित किए।

कटघोरा के राधासागर तालाब में बाढ़ और कोहड़िया के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक परिस्थितियों में यह अभ्यास किए गए, जिनका उद्देश्य नागरिकों को आपदा से निपटने के लिए जागरूक करना और बचाव तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। 

राधासागर तालाब में बाढ़ की स्थिति में रेस्क्यू टीम ने लाइफ जैकेट, रस्सियों और नाव का उपयोग कर 5 पुरुषों और 2 महिलाओं को सुरक्षित निकाला। मेडिकल टीम ने सीपीआर, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन किया, साथ ही गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया दिखाई।

दूसरी ओर, कोहड़िया में क्लोरीन गैस रिसाव की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए सिलेंडर को बंद किया गया, वाटर स्प्रे से क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार, आंखों-त्वचा की सफाई और ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया। नागरिकों को गैस रिसाव से होने वाली समस्याओं जैसे खांसी, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन के बारे में जागरूक किया गया। 

प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और स्वयंसेवी संस्थाओं की मौजूदगी में आयोजित इस अभ्यास ने आपदा के समय सतर्कता और प्रशिक्षित बचाव के महत्व को उजागर किया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि आपदा में घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन कर सुरक्षित रहा जा सकता है।