कोरबा में आस्था बनाम राजनीति: शारदा विहार उद्यान का नाम ‘नमो उद्यान’ करने पर स्थानीयो का जमकर विरोध, माँ मुड़ा दाई नाम पर अड़े

कोरबा।कोरबा शहर में शारदा विहार कॉलोनी के उद्यान का नाम बदलकर ‘नमो उद्यान’ करने की योजना ने स्थानीय निवासियों की आस्था को ठेस पहुंचा दी है। पावर हाउस रोड से सटे इस क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 और 14 के लोग इस फैसले का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दर्ज की हैं, जहां कई ने कहा कि ‘हिंदुत्व की रक्षा का दावा करने वाली पार्टी अब वार्डवासियों की भावनाओं को चोट पहुंचा रही है।’

स्थानीय निवासी बताते हैं कि मुड़ापार क्षेत्र की पहचान प्राचीन माँ मुड़ा दाई मंदिर और उसके जुड़े तालाब से है, जिसे ‘मुड़ा दाई तालाब’ के नाम से जाना जाता है। उनका मानना है कि उद्यान का नाम किसी राजनीतिक व्यक्ति के सम्मान में बदलना न केवल अनुचित है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी नजरअंदाज करता है। एक निवासी ने कहा, “यह नामकरण आस्था से जुड़ा है, न कि राजनीति से। नाम बदलना हमारी श्रद्धा पर प्रहार जैसा है।”

विवाद तब और गहरा गया जब नवरात्रि पर्व की शुरुआत हो चुकी है। इस समय शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है, और माँ मुड़ा दाई से जुड़े क्षेत्र में ऐसा बदलाव करने को लोग ‘श्रद्धा को ठेस पहुंचाने वाला’ बता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर #माँमुड़ादाईउद्यान जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां अधिकांश यूजर्स ने नाम बदलने का विरोध जताया है। एक यूजर ने लिखा, “नवरात्रि में माँ की जयकारे लग रहे हैं, और यहां आस्था का नाम मिटाने की साजिश? यह हिंदुत्व का अपमान है।”

निवासियों की मांग साफ है- उद्यान का नाम ‘माँ मुड़ा दाई उद्यान’ ही रखा जाए। उनका तर्क है कि यह कदम न केवल राजनीति से ऊपर उठेगा, बल्कि स्थानीय आस्था को मजबूत भी करेगा। फिलहाल, स्थानीय स्तर से लेकर मंत्री तक शिकायतें पहुंचाई जा रही हैं।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन आस्था का सम्मान करेगा या राजनीतिक रंग चढ़ेगा? मामले पर नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।