कोरबा। कोयला खदानों में काम करना अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है। खनन से लेकर ब्लास्टिंग, ट्रासंपोर्टिंग और अन्य कारण से होने वाली घटनाओं में कामगार व ठेका कर्मी चोटिल होने के साथ जिंदगी गंवा देते हैं। ऐसी स्थिति में उनके परिवार को कोल इंडिया अब 25 लाख की क्षतिपूर्ति देगी। अन्य राहत अलग है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
खबर के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल ने इस बारे में यह संवेदनशील निर्णय लिया। मुख्यालय में उसकी 480वीं बैठक रखी गई। इसमें यह तय किया गया कि रोजगार के दौरान या उसके कारण होने वाली खदान दुर्घटनाओं की स्थिति में मृत कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों के निकटतम परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह राशि अब तक 15 लाख रुपये निर्धारित थी। सीआईएल ने स्पष्ट किया है कि स्थायी कर्मचारी और ठेका श्रमिक दोनों के परिजनों को यह राहत मिलेगी। हालांकि ठेका श्रमिकों के मामले में भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
बताया गया कि एसईसीएल समेत सभी कंपनियां जो कोल इंडिया के अधीन चल रही है उनमें यह फैसला प्रभावशील होगा। इसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी और दीर्घकालिक लाभ के तौर पर देखा जा रहा है।
यूनियनों ने किया स्वागत
कोल इंडिया के डायरेक्टर बोर्ड द्वारा लिए गए फैसले का कोरबा जिले में ट्रेड यूनियनों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे बाद इस तरह का निर्णय लिया जाना प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
याद रहे साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा एरिया में अनेक परियोजनाएं संचालित हैं। यहां हजारों की संख्या में स्थायी कर्मचारी और ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। नए फैसले से उनकी चिंता कम हुई है।
इससे पहले कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने घोषणा की थी कि हादसों की स्थिति में कर्मियों व कामगारों को अधिकतम 1 करोड़ रुपए का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।
Editor – Niraj Jaiswal
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