‘जादुई कलश’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

जशपुर। सरगुजा संभाग में ‘जादुई कलश’ के नाम पर हजारों ग्रामीणों से करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जशपुर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

ठगी की साजिश का खुलासा

आरोपियों ने आर.पी. ग्रुप नामक एक फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को झांसा दिया कि कोरबा के मंडवारानी में मिला ‘जादुई कलश’ विदेशों में अरबों रुपये में बिकेगा। उन्होंने दावा किया कि कंपनी से जुड़े प्रत्येक सदस्य को इस मुनाफे से 1 से 5 करोड़ रुपये तक मिलेंगे। इस लालच में आकर हजारों ग्रामीणों ने सुरक्षा राशि और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 25,000 से 70,000 रुपये तक जमा किए। पुलिस जांच में अब तक 1 करोड़ 94 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है, लेकिन अनुमान है कि ठगी की रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।

ठगी का दायरा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जशपुर के अलावा बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में भी ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया। फर्जी कंपनी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने की यह साजिश बड़े पैमाने पर रची गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

राजेंद्र कुमार दिव्य (46 वर्ष), निवासी कोरबा, वर्तमान पता रायपुर

तुरेंद्र उर्फ मनीष कुमार दिव्य (38 वर्ष), निवासी कोरबा

प्रकाश चंद्र धृतलहरे (40 वर्ष), निवासी जशपुर

उपेंद्र कुमार सारथी (56 वर्ष), निवासी सरगुजा

पुलिस की कार्रवाई

जशपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी फर्जी योजनाओं के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।