कोरबा, 11 सितंबर 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठतम आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर एक बार फिर अपनी ही पार्टी और संगठन में उपेक्षा का शिकार हुए हैं। कोरबा में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश का लगभग पूरा मंत्रिमंडल शामिल हुआ, में जिले के इस दिग्गज आदिवासी नेता की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ननकी राम कंवर ने बताया कि उन्हें इस बैठक के लिए कोई निमंत्रण नहीं दिया गया। न ही जिला संगठन ने उन्हें मुख्यमंत्री के स्वागत या हेलीपैड पर अगवानी के लिए बुलाया। उन्होंने कहा, “बिना बुलाए मैं मेहमान की तरह कैसे जा सकता हूँ?” कोरबा जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में, जहाँ वे जनता की आवाज के रूप में जाने जाते हैं, उनकी इस उपेक्षा ने उनके समर्थकों में नाराजगी पैदा कर दी है।
यह पहला मौका नहीं है जब ननकी राम की अनदेखी हुई। उनके समर्थकों और संगठन के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह गलत है। एक समर्थक ने कांग्रेस सरकार के समय का उदाहरण देते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के चिर्रा में एक कार्यक्रम के दौरान ननकी राम की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई थी और उन्हें विशेष रूप से बुलवाया था।
संगठन में चर्चा है कि रामपुर विधानसभा चुनाव में ननकी राम को हराने में कुछ नेताओं की भूमिका थी, और अब जिला संगठन उन्हीं को तवज्जो दे रहा है। कुछ का मानना है कि ननकी राम की बेबाक बयानबाजी को दबाने के लिए उन्हें जानबूझकर हाशिए पर धकेला जा रहा है। यह स्थिति संगठन में एकता और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है।
ननकी राम कंवर जैसे वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी उपेक्षा से संगठन में फूट और कमजोरी का खतरा बढ़ सकता है। इस मामले ने न केवल उनके समर्थकों, बल्कि आम कार्यकर्ताओं में भी चर्चा का विषय बना दिया है।
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