युवती की बलात्कार और हत्या के दोषी को उम्रकैद, 75 हजार रुपये का जुर्माना

कोरबा, 11 सितंबर 2025: कोरबा के पम्पहाउस कॉलोनी में 24 दिसंबर 2022 को एक युवती के साथ बलात्कार और 51 बार धारदार सूजा से गोदकर उसकी नृशंस हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सहबान खान उर्फ बाबू को आजीवन सश्रम कारावास और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायालय ने यह फैसला भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376, 302 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(W) के तहत सुनाया।

मामले के अनुसार, पीड़िता, जो जेमको कंपनी टीपी नगर में हाउसकीपर और डीएव्ही स्कूल मुड़ापार में आया के रूप में काम करने वाले दंपति की बेटी थी, कक्षा 12वीं पास करने के बाद मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रही थी। वह मदनपुर (करतला) के हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई के दौरान बस कंडक्टर सहबान खान, निवासी भड़िया बगीचा, जिला जशपुर, से परिचित हुई थी। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी।

घटना से एक माह पहले पीड़िता के पिता को पता चला कि सहबान खान उनकी बेटी को आशिष केरकेट्टा नामक युवक से बात करने के शक में गाली-गलौज और हत्या की धमकी दे रहा था। 24 दिसंबर 2022 को जब पीड़िता घर पर अकेली थी, सहबान ने सुनसान घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार किया और धारदार सूजा से 51 बार गोदकर उसकी हत्या कर दी।

पिता के घर पहुंचने पर पीड़िता जमीन पर मृत पड़ी थी, उसके चेहरे, गर्दन, हाथ और सीने पर गहरे घाव थे। मौके से खून से सना सूजा, सहबान के नाम का बस टिकट, पुरुष का शर्ट, कंडोम पैकेट, और अन्य सामान बरामद हुआ।

कोतवाली पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR दर्ज की और जांच के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।

विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह यादव ने मामले में कठोर सजा के लिए मजबूत तर्क पेश किए। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम), कोरबा, जयदीप गर्ग की अध्यक्षता में सुनवाई के बाद सहबान खान को दोषी ठहराया गया। उसे तीनों धाराओं में 25-25 हजार रुपये, कुल 75 हजार रुपये के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा दी गई।

जुर्माना न चुकाने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

दूसरे आरोपी तबरेज खान उर्फ छोटू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।