भाजपा का बैनर विवाद: जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से असंतोष, ‘सबका साथ’ पर सवाल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट के नवीन सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक लेने पहुंचे। इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण और अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक से पहले शहर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से बड़े-बड़े बैनर और अखबारों में विज्ञापन लगाए गए, लेकिन इन विज्ञापनों ने पार्टी के भीतर असंतोष की लहर पैदा कर दी है।

बैनरों में चुनिंदा चेहरों को तरजीह

विज्ञापनों और पोस्टरों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उद्योग एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन की तस्वीरों को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों और नेताओं के चित्र भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, पार्टी को मजबूत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं के नाम और तस्वीरें इन बैनरों से नदारद हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर कार्यक्रम में केवल वही पुराने चेहरे और मंत्री के करीबी लोग सामने आ रहे हैं, जबकि रात-दिन मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं में नाराजगी

पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विज्ञापनों के जरिए कुछ लोग ‘वाहवाही लूटने’ और अपनी छवि चमकाने में लगे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये लोग मंत्री लखन लाल देवांगन की आड़ में खुद को मंत्री जैसा दर्जा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं और पूरे प्रदेश में राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं। इस उपेक्षा से कार्यकर्ता आहत और निराश महसूस कर रहे हैं।

‘सबका साथ, सबका विकास’ पर सवाल

शहरवासियों और पत्रकार बिरादरी ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। पत्रकारों ने पूछा है कि क्या यही भाजपा का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा है, जहां मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को कोई स्थान नहीं मिल रहा? चर्चा है कि यदि यही स्थिति रही तो कोरबा जिले में भाजपा को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उपेक्षा पार्टी की जमीनी ताकत को कमजोर कर सकती है।

पार्टी के सामने अब चुनौती है कि वह अपने कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखे और उनकी मेहनत को उचित सम्मान दे। यदि इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कोरबा में भाजपा की एकता और संगठनात्मक ताकत पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से ले और सभी स्तर के कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व दे।