छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिकों की हड़ताल की चेतावनी: रायपुर बैठक में तीन प्रमुख मांगें उठीं

कोरबा। छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिक विकास संगठन ने रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें प्रदेश भर से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। संगठन ने विद्युत विभाग पर कर्मचारियों की अनदेखी और शोषण का आरोप लगाया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग ने लिव वेजेस को हटाकर कर्मचारियों के वेतन पर सीधा प्रहार किया है। पिछले 20 सालों से कार्यरत ठेका श्रमिकों के वेतन वृद्धि पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी:

बोर्ड द्वारा लिव वेजेस को पुनः लागू किया जाए, अन्यथा राष्ट्रीय पर्वों पर अवकाश प्रदान किया जाए।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर न्यूनतम वेतनमान 20,000 रुपये मासिक किया जाए।

कर्मचारियों को 62 वर्ष तक की जॉब सुरक्षा प्रदान की जाए।

पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में हड़ताल की स्थिति बन सकती है। संगठन ने बोर्ड से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।