अदानी पावर के खिलाफ मजदूरों का आंदोलन, सात सूत्रीय मांगों को लेकर 21 सितंबर तक अल्टीमेटम

कोरबा।कोरबा जिले में अदानी पावर कंपनी के खिलाफ भू विस्थापित मजदूर संघ ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्राम मड़वारानी में आयोजित एक बैठक में रामपुर के विधायक श्री फूलसिंह राठिया की उपस्थिति में मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर रणनीति बनाई। भू विस्थापित मजदूर संघ ने कंपनी के स्टेशन हेड को एक ज्ञापन सौंपकर 21 सितंबर तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

मांगों का आधार और विवाद

ज्ञापन में कहा गया है कि पहले लैंको कंपनी ने इस प्लांट के लिए जमीन का अधिग्रहण किया था और बाद में अदानी पावर ने इसका हस्तांतरण लिया। यूनियन ने कई बार प्रबंधन को पत्र लिखकर मांग की थी कि कर्मचारियों के साथ इंसेंटिव में भेदभाव न किया जाए, दीपावली उपहार और एक्सग्रेसिया बोनस दिया जाए, साथ ही विभिन्न कमेटियों जैसे वर्कर कमेटी, कैंटीन कमेटी, वेलफेयर कमेटी और स्वास्थ्य व सुरक्षा कमेटी का गठन कर उनका संचालन किया जाए। इसके अलावा, स्थायी आदेश को यूनियन के साथ चर्चा कर पंजीकृत करने और सुरक्षा के पूर्ण उपाय सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।

मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन ने न तो उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया और न ही यूनियन पदाधिकारियों के साथ कोई औपचारिक चर्चा की। इसके बजाय, प्रबंधन ने मौखिक रूप से कानूनी कार्रवाई और कोर्ट जाने की धमकी दी है।

प्रमुख मांगें

भू विस्थापित मजदूर संघ की सात सूत्रीय मांगें निम्नलिखित हैं:

प्रत्येक कर्मचारी को न्यूनतम 70,000 रुपये का एक्सग्रेसिया बोनस।

कर्मचारियों को इंसेंटिव प्रदान किया जाए।

शिफ्ट रोटर को यूनियन के साथ चर्चा कर बदला जाए।

पूर्व में कार्यरत दिवंगत कर्मचारियों के अंतिम भुगतान और बीमा राशि का भुगतान।

प्रत्येक ठेका मजदूर और कर्मचारी को हर महीने की 5 तारीख तक वेतन और वेतन पर्ची।

शासन के नियमानुसार सभी ठेका मजदूरों को बोनस।

यूनिट 3 और 4 में 8 घंटे की ड्यूटी, अतिरिक्त घंटों के लिए ओवरटाइम।

बैठक में भू विस्थापित मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रवीण ओगरे, महासचिव धनाराम खांडे, अखिलेश कुर्रे, संजय कुर्रे, रामधन मिरी, राजकुमार खुटें, राजकुमार बंजारे, शिव खुटें, चन्द्रशेखर भारद्वाज, सोबिन्द सोनवानी, बाबूलाल गोड़, गणेश राम उरांव, विजय कंवर, कली राम, मंगल सिंह, विवेक केसरिया, विरेन्द्र चन्द्राकर, रोशन खांडे, मुकुंद खांडे, विनोद भारद्वाज, सनदिलीप, डेविड केसरिया, शशि सहित अन्य मजदूर उपस्थित थे।

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि 21 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। यह आंदोलन न केवल मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, बल्कि भू विस्थापितों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए भी है, जिन्होंने इस प्लांट के लिए अपनी जमीन दी थी। इस मामले में प्रबंधन का रवैया और मजदूरों की एकजुटता भविष्य में इस विवाद की दिशा तय करेगी।