रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि अब सभी वस्तुओं और सेवाओं की खरीदी अनिवार्य रूप से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य खरीदी में अनियमितताओं को रोकना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
अनियमितताओं पर अंकुश के लिए सख्त निर्देश
वाणिज्य एवं उद्योग सचिव रजत कुमार ने सभी विभागों के भारसाधक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि हाल ही में कुछ विभागों की खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गई हैं। इसे रोकने के लिए जेम पोर्टल के उपयोग को अनिवार्य किया गया है। नए निर्देशों के तहत निम्नलिखित नियम लागू किए गए हैं:
50 हजार से कम की खरीदी भी जेम पोर्टल से: अब 50 हजार रुपये से कम राशि की खरीदी के लिए भी जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य होगा।
विशेष परिस्थितियों में अनुमति जरूरी: यदि किसी विशेष परिस्थिति में जेम पोर्टल के अलावा अन्य माध्यम से खरीदी करनी हो, तो वित्त विभाग की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
खरीदी पर्यवेक्षण इकाई का गठन: सभी विभागों में एक खरीदी पर्यवेक्षण इकाई बनाई जाएगी, जिसमें उपसचिव स्तर का अधिकारी और वित्त/लेखा शाखा के अधिकारी शामिल होंगे।
1 करोड़ से अधिक की खरीदी पर विशेष निगरानी: एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खरीदी पर विभागीय इकाई विशेष निगरानी रखेगी।
निष्पक्ष खरीदी के लिए नियम: खरीदी के विवरण (स्पेसिफिकेशन) में ऐसी शर्तें नहीं जोड़ी जाएंगी, जो किसी विशेष आपूर्तिकर्ता को अनुचित लाभ पहुंचाएं।
इस निर्णय से सरकार का उद्देश्य शासकीय खरीदी में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को बढ़ावा देना है। जेम पोर्टल के उपयोग से न केवल प्रक्रिया में एकरूपता आएगी, बल्कि अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। यह कदम छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Editor – Niraj Jaiswal
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