मंत्री केदार कश्यप पर सर्किट हाउस कर्मचारी से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप, सियासी बवाल

रायपुर।छत्तीसगढ़ के वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप पर जगदलपुर सर्किट हाउस में एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है, और विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, घटना जगदलपुर सर्किट हाउस की है, जहां दौरे से लौटे मंत्री कश्यप को कर्मचारियों द्वारा समय पर कमरे का दरवाजा न खोलने पर गुस्सा आ गया। आरोप है कि मंत्री के पीएसओ ने एक कर्मचारी को बुलाया, जिसके बाद कश्यप ने कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की, जूता उठाया और कथित तौर पर मारपीट भी की।

पीड़ित कर्मचारी का बयान

पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि मंत्री ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और हिंसक रवैया अपनाया। इस घटना के बाद वायरल वीडियो ने सियासी हलकों में हंगामा मचा दिया है।

कांग्रेस का तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाते हुए सभी जिला मुख्यालयों में मंत्री कश्यप का पुतला दहन करने की घोषणा की है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कश्यप को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने कहा, “केदार कश्यप ने कर्मचारी को गाली दी और हाथ उठाया। जब मोदी की मां को गाली देने पर बिहार बंद कराया गया था, तो कश्यप को क्यों बचाया जा रहा है? उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।”

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां से जोड़ते हुए ट्वीट किया, “क्या सिर्फ प्रधानमंत्री की मां ही मां हैं?” उन्होंने भी कश्यप की बर्खास्तगी की मांग की।

बीजेपी का बचाव

दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने सहयोगी का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष केदार कश्यप को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा, “केदार कश्यप एक सुलझे और गंभीर व्यक्ति हैं। कांग्रेस का यह आरोप उनकी गलत मानसिकता को दर्शाता है।”

आगे क्या?

यह विवाद अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। अब यह देखना बाकी है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या मंत्री कश्यप के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है। यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले दिनों में और गर्माहट ला सकती है।