करंट बिछाकर शिकार, जेई की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश; कार्रवाई के बजाय आरोपियों को छोड़ा

कोरबा-करतला। कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के ग्राम खरहरकुड़ा जंगल में शनिवार को अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार बिछाकर जंगली सूअरों का शिकार करने वाले दो व्यक्तियों, हेमंत कुमार (मुकुंदपुर) और नंमु सिंह सारथी (पहाड़गांव) को ग्रामीणों और विद्युत विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। लेकिन विभागीय जेई निशा कंवर और उनकी टीम ने ग्रामीणों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर आरोपियों को सिर्फ समझाइश देकर छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गिरोह लंबे समय से करंट बिछाकर शिकार कर रहा है, जिससे इंसानों और पशुओं की जान को खतरा है। हाल ही में करंट की चपेट में आने से आधा दर्जन से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है।

ग्रामीणों ने आरोपियों को पुलिस के हवाले करने की मांग की, लेकिन जेई और उनकी टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 106 (लापरवाही से मृत्यु/चोट), 111 (जान को खतरे में डालना), 115 (खतरनाक साधनों का उपयोग), 304 (गैरकानूनी शिकार), 291 (विद्युत दुरुपयोग), 351 (पद का दुरुपयोग), और 177 (अपराध की सूचना न देना) के तहत आरोपियों और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

ग्रामीणों ने जेई निशा कंवर के रवैये पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि दोषियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।