दीपका बस स्टैंड: 20 लाख के डोम सेट टेंडर में घोटाले की आशंका, जांच की मांग

कोरबा। दीपका नगर पालिका परिषद द्वारा बस स्टैंड पर 20 लाख रुपये की लागत से डोम सेट निर्माण की योजना ने विवाद खड़ा कर दिया है। यह बस स्टैंड पहले से ही उपयोग में नहीं है और न ही वहां यात्रियों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध है।

ऐसे में इस मनमाने खर्च और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासी रवि कुमार ने टेंडर में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि दीपका बस स्टैंड के निर्माण पर पहले भी भारी राशि खर्च की गई थी, लेकिन यह जनता के लिए उपयोगी साबित नहीं हुआ। नगर पालिका की लापरवाही के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब 20 लाख रुपये के नए डोम सेट निर्माण के टेंडर को पुराने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का खेल बताया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सामान्य निर्माण कार्य को डोम सेट का नाम देकर टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और 7 प्रतिशत कमीशन की आड़ में घोटाला किया जा रहा है।

शिकायत में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि बस स्टैंड और डोम सेट निर्माण के टेंडर की तत्काल जांच की जाए।

साथ ही, पुराने टेंडर और अनुबंधों की निष्पक्ष समीक्षा कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह भी जोड़ा गया कि जनता के टैक्स और सरकार से प्राप्त धन का उपयोग नागरिक सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि अनावश्यक परियोजनाओं पर।

पिछले निर्माण पर भी सवाल
हाल ही में, 12 जून 2025 को कोरबा में जिला खनिज न्यास के 17 करोड़ रुपये की लागत से बने देवी अहिल्या बाई होल्कर कन्वेशन हॉल का छज्जा मात्र 12 दिन बाद गिर गया था। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है।

अब दीपका बस स्टैंड के टेंडर घोटाले की जांच को लेकर भी लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।