NHM कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा, 35 की बर्खास्तगी के बाद भड़का आक्रोश

रायपुर।छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और तीव्र हो गई है। 35 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आक्रोशित NHM कर्मचारियों ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में सामूहिक इस्तीफे सौंपे हैं। रायपुर, बस्तर, कांकेर और बलौदाबाजार सहित विभिन्न जिलों में हजारों कर्मचारियों ने अपने इस्तीफे जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

बस्तर, कांकेर और बलौदाबाजार में सामूहिक इस्तीफे

बस्तर जिले में 887 NHM कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सामूहिक इस्तीफा सौंपा। कांकेर में 655 और बलौदाबाजार में 421 कर्मचारियों ने भी अपने इस्तीफे जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपे। रायपुर में NHM कर्मचारी CMHO कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए इस्तीफा देने पहुँचे। बस्तर जिला NHM कर्मचारी संघ की अध्यक्ष शकुंतला ने कहा, “शासन ने हमारी माँगों पर ध्यान नहीं दिया और 35 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। कई बार बातचीत की कोशिश नाकाम रही, इसलिए पूरे प्रदेश में सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया गया।”

10 सूत्रीय माँगों के लिए हड़ताल

NHM कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से नियमितीकरण, समान वेतन, 27% लंबित वेतन वृद्धि, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, 10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और अन्य 10 सूत्रीय माँगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरकार ने 13 अगस्त को हुई बैठक में 5 माँगों पर सहमति जताई थी, लेकिन हड़ताल जारी रहने पर 35 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई। इस कार्रवाई से कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया।

स्वास्थ्य सेवाएँ ठप

हड़ताल और सामूहिक इस्तीफों के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएँ पूरी तरह ठप हो गई हैं। टीकाकरण अभियान, ओपीडी सेवाएँ और गर्भवती महिलाओं व बच्चों से जुड़ी योजनाएँ प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

शासन का रुख

बस्तर के CMHO प्रभारी बीके ठाकुर ने कहा कि सभी इस्तीफे शासन को भेजे जाएँगे और आगे का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। सरकार ने पहले ही ‘नो वर्क, नो पे’ की नीति लागू करते हुए हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी थी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जनहित के खिलाफ बताते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है।

कर्मचारियों का संकल्प

NHM कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफा देने के बावजूद हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी माँगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। इस बीच, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता संकट मरीजों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।