खाद दुकानों पर कृषि विभाग की सघन छापेमारी, यूरिया और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित

कोरबा जिले में कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर उप संचालक कृषि कार्यालय की जिला स्तरीय टीम द्वारा खाद दुकानों पर सतत छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने जिले की विभिन्न खाद दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें उर्वरकों की उपलब्धता और विक्रय की स्थिति की जांच की गई।

निरीक्षण में सामने आई स्थिति

निरीक्षण के दौरान श्याम खाद भण्डार (उरगा) और सोनरक्षा कृषि केंद्र (कुदुरमाल) में खाद का भण्डारण शून्य पाया गया। वहीं, पटेल कृषि केंद्र में कीटनाशक दवाओं की जांच की गई। उप संचालक कृषि ने बताया कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 6,298.46 मेट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था, जबकि इस वर्ष 2025-26 में अब तक 6,494.625 मेट्रिक टन यूरिया वितरित हो चुका है।

खाद भण्डारण और वितरण का आंकड़ा

जिले में वर्ष 2025-26 के लिए कुल 20,637 मेट्रिक टन खाद भण्डारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक 17,007.62 मेट्रिक टन खाद का भण्डारण किया जा चुका है। इसमें से 16,270.23 मेट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जिले में यूरिया की मांग के अनुरूप भण्डारण सुनिश्चित किया गया है। जहां यूरिया उपलब्ध नहीं है, वहां सहकारी समितियों ने मांग के लिए डिमांड ड्राफ्ट जमा कर दिया है। शासन से खाद उपलब्ध होते ही तत्काल भण्डारण किया जाएगा।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की स्थिति

नई तकनीक से विकसित नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का भण्डारण भी जिले में किया गया है। कुल 25,246 नग (बॉटल) भण्डारण के मुकाबले 23,702 नग का उपयोग किसानों द्वारा किया जा चुका है। वर्तमान में 1,544 नग नैनो यूरिया और नैनो डीएपी सहकारी समितियों में उपलब्ध हैं।

पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर

शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उर्वरक विक्रय के लिए पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन का उपयोग अनिवार्य किया गया है। साथ ही, निर्धारित दरों पर उर्वरकों का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उर्वरक की उपलब्धता और विक्रय की स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था

कृषि विभाग की इस पहल से जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर अजीत वसंत के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।