कटघोरा सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही, सर्पदंश पीड़िता को नहीं मिला समय पर इलाज

कोरबा जिले के कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। रविवार रात सर्पदंश की शिकार एक महिला को समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। महिला को अंततः हायर सेंटर रेफर करना पड़ा, जहां उसका इलाज जारी है।

सर्पदंश पीड़िता को नहीं मिला समय पर इलाज

कटघोरा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-8, शास्त्री नगर निवासी सुनिता श्रीवास (30) को रविवार रात करीब 8 बजे एक जहरीले सांप ने काट लिया। परिजन तुरंत उन्हें कटघोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां मौजूद नर्स ने सुनिता को ड्रिप और एंटी-स्नैक वेनम लगाकर प्रारंभिक इलाज शुरू किया, लेकिन नाइट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। परिजनों ने डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

लगभग एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद डॉक्टर के न आने से सुनिता की हालत बिगड़ने लगी। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में करीब आधा घंटे तक हंगामा किया और क्षेत्रीय विधायक को इस लापरवाही की सूचना दी। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एसएन केसरी को भी मामले की जानकारी दी गई।

सीएमएचओ के पहुंचने से पहले रेफर हुई मरीज

सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. केसरी, जो उस समय कटघोरा में ही थे, तुरंत अस्पताल पहुंचे। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही गुस्साए परिजन सुनिता को गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर निकल गए और उसे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। वहां सुनिता को गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती किया गया है, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

बीएमओ की देरी से बढ़ा गुस्सा

हंगामे के दौरान विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. रश्मि कंवर मौके पर नहीं पहुंचीं। सीएमएचओ के अस्पताल पहुंचने के बाद ही बीएमओ वहां आईं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने सीएमएचओ को डॉक्टरों की लापरवाही के लिए खरी-खोटी सुनाई।

अस्पताल प्रशासन का बयान

सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी ने बताया कि नाइट ड्यूटी रात 8 बजे से शुरू होती है और संभवतः डॉक्टर कुछ देरी से पहुंचे होंगे। उन्होंने कहा, “नर्स ने तुरंत एंटी-स्नैक वेनम देकर इलाज शुरू किया था। मरीज के परिजनों के कहने पर ही उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।” हालांकि, इस घटना ने अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।

बार-बार सामने आ रही लापरवाही

कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते एक हफ्ते में डॉक्टरों की लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं। मरीजों को समय पर इलाज न मिलने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को उजागर किया है।