एनटीपीसी कोरबा हादसा: ठेका श्रमिक की मौत, सुरक्षा लापरवाही उजागर, जांच में कार्रवाई के संकेत

कोरबा जिले में स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) के 2600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र में 22 अगस्त 2025 को हुए एक दुखद हादसे में एक ठेका श्रमिक की जान चली गई। हादसा सीडब्ल्यू स्टेज-II में क्रेन इंस्टॉलेशन के दौरान हुआ, जिसमें हरियाणा निवासी 35 वर्षीय श्रमिक कृष ऊंचाई से लोहे की रेलिंग से टकराकर नीचे गिर गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

हादसे के बाद मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद संयंत्र में हड़कंप मच गया और वहां काम करने वाले मजदूरों की भीड़ जमा हो गई। घायल कृष को तत्काल एनटीपीसी के विभागीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कोरबा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस कार्य का ठेका रेवा इंडस्ट्रीज को दिया गया था।

प्रबंधन की लापरवाही आई सामने

हादसे के बाद शुरुआत में एनटीपीसी प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक विजय पोटाई के निरीक्षण में गंभीर खामियां उजागर हुईं। पोटाई ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में सुरक्षा इंतजामों की कमी इस हादसे का मुख्य कारण रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई। विभाग ने संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

पुलिस जांच और प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

पुलिस ने भी इस घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद प्रबंधन द्वारा मीडिया से जानकारी छिपाने की कोशिशों ने उनकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एनटीपीसी प्रबंधन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

बढ़ते हादसों पर चिंता

यह हादसा एनटीपीसी संयंत्रों में सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर एक बार फिर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय और नियमित निरीक्षण जरूरी हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है।