समुद्र मंथन और भगवान की लीलाओं से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

कोरबा। श्रीमद्भागवत कथा में गजेंद्रमोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं को सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने पूरे मनोयोग से कथा सागर में डुबकी लगाई। जश्न रिसोर्ट में कथा वाचक पंडित विजयशंकर मेहता ने कृष्ण-यशोदा का प्रसहन सुनाते हुए भगवान कृष्ण की बाल सुलभ लीलाओं खास वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि त्रेता व द्वापर में भगवान के अवतार का वर्णन शब्दों से नहीं किया जा सकता। उनकी आप अनुभूति कर खुश हो सकते है।

मातनहेलिया परिवार की ओर से आयोजित कथा में श्री मेहता ने कहा दुनिया में मां से बडक़र कोई नहीं-मां ही होती है। उन्होंने शुकदेव परिक्षित प्रसंग के साथ-साथ समुद्र मंथन और इसके साथ जुड़े आध्यात्मिक पहलुओं को स्पष्ट किया।

7 दिन तक चलने वाले इस कथा को लेकर आयोजन स्थल में बेहतर प्रबंध किए गए है।