परसदा स्कूल में शिक्षक नियुक्ति से सुधरी शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थी खुश

कोरबा। पाली ब्लाक के अंतर्गत ग्राम परसदा का पाठशाला जिस जगह पर लगता था आज भी वही लगता है। बीते छह दशक से भी ज्यादा पुराने इस विद्यालय में शिक्षा की ज्योति अनवरत जल रही है। समय के साथ पदोन्नति के बाद विद्यालय में जब पद रिक्त हुए तो विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत आन पड़ी थी। नए शिक्षक नियुक्त होने से सब कुछ सहज हो गया है।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के पास न केवल परसदा बल्कि कई स्कूलों के मामले आए। इनमें बताया गया था कि शिक्षकों की कमी होने से पठन-पाठन में दिक्कत हो रही है।

ऐसे में विद्यार्थियों का मोह भंग हो रहा है। दूसरी ओर वे अन्य विकल्प की तरफ देख रहे हैं। अधिकारियों ने विषय को गंभीरता से लिया और सेटअप के अंतर्गत काम करने के निर्देश दिए। इसके हिसाब से 61 साल पुराने परसदा के स्कूल में शिक्षकों के खाली पदों को भर दिया गया। यहाँ शिक्षक के रूप में रूपेश कश्यप की नियुक्ति हुई है।

कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाई कराते हुए शिक्षक रूपेश कश्यप ने बताया कि वे युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया के बाद इस विद्यालय में पदस्थ हुए हैं और खुश भी है। उन्होंने बताया कि हमारे गाँव का यह विद्यालय बहुत पुराना है और यहाँ से पढ़ाई कर बहुत से लोग शिक्षित हुए। विद्यालय में प्रधान पाठक की जिम्मेदारी जीडी बंजारे सम्हाल रहे हैं। विद्यालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों अभिषेक राजपूत, नीतेश और अनुराग राजपूत सहित छात्रा हिना,अनामिका,आदिति, दीपल सभी खुश है।

वे बताते हैं कि गुरुजी के आ जाने से अब हमारा क्लास नियमित लगता है। वे हमें पुस्तक पढ़ाने के साथ खेल भी खिलाते हैं। इसी तरह ग्राम परसदा के लाइनपारा में 34 विद्यार्थी दर्ज है।

यहाँ शिक्षिका श्रीमती नेमी जायसवाल युक्ति युक्तकरण से पदस्थ हुई है। एकल शिक्षकीय इस विद्यालय में पढऩे वाली मानसी औऱ पायल तथा पुनिशा ने बताया कि मैडम के आने के बाद नियमित कक्षा लगती है।

विद्यालय के प्रधानपाठक नोहर प्रसाद साहू ने बताया कि युक्ति युक्तकरण से शिक्षिका के आने से विद्यार्थियों के साथ ही उन्हें भी सहूलियत हुई है।