गौठान में बछड़े की मौत पर ठेकेदार पर ठीकरा, नगर निगम अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की मांग

कोरबा।खरमोरा गौठान में एक बछड़े की मौत और मवेशियों की खराब स्थिति के मामले में कोरबा नगर निगम के अधिकारियों पर ठेकेदार को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगा है। ठेकेदार परवेज रसीद ने सिविल लाइन थाना, रामपुर में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने नगर निगम के गौठान प्रभारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। रसीद का कहना है कि उन पर झूठे आरोप लगाकर गौठान की लापरवाही का ठीकरा फोड़ा जा रहा है।

ठेकेदार पर झूठे आरोप का दावा

13 अगस्त 2025 को खरमोरा गौठान में एक बछड़े की मौत और चारा-पानी की कमी का मामला सामने आया था। परवेज रसीद ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें केवल स्वच्छता कमांडो के लिए मजदूर उपलब्ध कराने का ठेका दिया गया था, जिसमें पशुओं की देखभाल का कोई उल्लेख नहीं है। गौठान में पशुओं के चारा-पानी और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी नगर निगम के दो नियुक्त इंचार्ज कर्मचारियों और प्रभारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की है। रसीद ने आरोप लगाया कि निगम हर महीने 60-70 हजार रुपये का चारा लेता है, फिर भी कोटना खाली और साफ पाया गया, जो अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।

ठेकेदार ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

परवेज रसीद ने कहा कि अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने अपनी और दो सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी से बचने के लिए उनके खिलाफ गलत आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई, जो उनके सम्मान और अधिकारों का हनन है। उन्होंने मांग की कि गौठान में बछड़े की मौत के लिए वास्तविक जिम्मेदार अनिरुद्ध प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, उनके खिलाफ दर्ज झूठी रिपोर्ट के लिए अलग से कानूनी कार्रवाई की जाए।

नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल

इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली और गौठान प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मवेशियों की देखभाल के लिए नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेही और चारे की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग और ठेकेदार इस मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।