दूध और मिठाइयों के दामों में उछाल, त्योहारी सीजन से पहले जेब पर पड़ेगा असर

कोरबा जिले में दुग्ध उत्पादक संघ ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिसका असर दूध से बने सभी उत्पादों जैसे पनीर, खोवा और मिठाइयों पर पड़ा है। अगस्त माह की शुरुआत से लागू नई दरों ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

दूध और खोवा की कीमतों में बढ़ोतरी

दुग्ध उत्पादक संघ और मिष्ठान विक्रेता संघ के बीच सहमति के बाद दूध की थोक कीमतों में प्रति लीटर 4-5 रुपये की वृद्धि की गई है। गाय का दूध अब 45 रुपये के बजाय 49 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 55 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति लीटर हो गया है। खोवा की कीमत में 80 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जो पहले 480 रुपये प्रति किलो था और अब 560 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पनीर की कीमत 360 रुपये से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि दही 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मिठाइयों की कीमतों में प्रति किलो 20 से 40 रुपये की वृद्धि हुई है।

त्योहारी सीजन पर असर

27 अगस्त से शुरू होने वाली गणेश चतुर्थी और आगामी नवरात्रि, दशहरा व दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग में तेजी आती है। इस समय दूध और मिठाई की कीमतों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मिष्ठान विक्रेता संघ ने मिठाइयों की कीमतें बढ़ाने का फैसला लागू कर दिया है, जिसका असर कई दुकानों पर दिखने लगा है।

कटघोरा में दुग्ध व्यवसायियों की बैठक

कटघोरा और आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध व्यवसायियों की बैठक में नई दरें तय की गईं। कटघोरा दुग्ध व्यवसायी संघ ने गाय का दूध 60 रुपये प्रति लीटर, भैंस का दूध 70 रुपये प्रति किलो, खोवा (160 ग्राम) 49 रुपये और खोवा (180 ग्राम) 55 रुपये के भाव से बेचने का निर्णय लिया। संघ ने होटल संचालकों और डेयरी मालिकों से 25 अगस्त तक नई दरों पर सहमति देने की अपील की, अन्यथा 26 अगस्त से दूध की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी। दुग्ध व्यवसायी संघ का कहना है कि पशुओं के दाने और चारे की बढ़ती कीमतों के कारण यह वृद्धि जरूरी थी। बैठक में चैतराम यादव को अध्यक्ष, जितेंद्र सारथी को उपाध्यक्ष, सभापति यादव को सचिव और मोहम्मद अनस को कोषाध्यक्ष चुना गया।

दुग्ध उत्पादन से जुड़े हजारों परिवार

दुग्ध उत्पादक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि कोरबा जिले में 5,000 से 6,000 परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। उन्होंने दूध की कीमत में 4 रुपये की बढ़ोतरी को उचित ठहराया और कहा कि कोरबा में दूध की मांग पहले की तुलना में बढ़ी है।

उपभोक्ताओं में चिंता

त्योहारी सीजन से ठीक पहले दूध और मिठाई की कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ता चिंतित हैं। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली जैसे अवसरों पर लड्डू और अन्य मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ यह बढ़ोतरी लोगों के बजट पर असर डालेगी।